📍📍 वास्तु टिप्स📍📍
📍"पूजा घर में सदैव जल का एक कलश भरकर रखें जो जितना संभव हो ईशान कोण के हिस्से में हो |"
📍NEGETIVE ENERGY "नकारात्म्क ऊर्जा को दूर भगाने के लिये एक कांच के गिलास में पानी लें और उसमें एक साबुत नींबू डाल दे l इस पानी को हर शनिवार नियमपूर्वक बदलें l यह गिलास घर में सुविधानुसार कहीं भी रख सकते हैं l"
📍"सप्ताह में एक बार जरुर समुद्री नमक अथवा सेंधा नमक से घर में पोछा लगाएं | इससे नकारात्मक ऊर्जा हटती है |"
📍 "उत्तर पूर्वी कक्ष, जिसे घर का सबसे पवित्र कक्ष माना जाता है, में सफेद या बैंगनी रंग का प्रयोग करना चाहिए। इसमें अन्य गाढे़ रंगों का प्रयोग कतई नहीं करना चाहिए।"
📍"पूजा सुबह 6 से 8 बजे के बीच भूमि पर आसन बिछा कर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठ कर करनी चाहिए । पूजा का आसन जुट अथवा कुश का हो तो उत्तम होता है |"
📍क्या आपको पता हैं की घर के बाहर नेमप्लेट{ NAMEPLATE } लगाने के पीछे एक विज्ञान छिपा है ?
"इससे घर के अंदर प्रवेश करने वाली POSSITIVE ENERGY AND VIBES सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव घर के मालिक के जीवन पर पड़ता है. उसे अच्छे अवसर प्राप्त होते हैं. नेमप्लेट, जितनी साफ और चमकदार होगी, नकारात्मक ऊर्जा {NEGITIVE ENERGY} उतनी दूर रहेगी. जिस घर की नेमप्लेट गंदी रहती है, वहां नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है l अतः सतर्क रहिये l"
📍"कई लोग रसोईघर में रखे फ्रिज में दवाएं रख देते हैं. ऐसा बिलकुल भी नहीं करना चाहिये l इससे बीमारियां घर में आती हैं.l रसोई स्वास्थ्य और खुशी का प्रतीक है, जबकि दवाएं बीमारी और गम का प्रतीक हैं l कोशिश कीजिये की आपकी दैनिक दवाइयां कमरे के उत्तर पूर्व कोने में रख सकें एवं घर के बहार के लोगो की नज़र उन दवाइयों पार्ट नहीं पड़ें l"
📍" घर में कभी भी जाले न लगने दें, वरना भाग्य और कर्म पर जाले लगने लगते हैं और बाधा आती है |"
📍. "वास्तु में मिट्टी का बहुत महत्व है। जो मिट्टी श्वेत, उपजाऊ तथा भीनी-भीनी महक वाली होती है, आवास तथा व्यावसायिक कार्यों के लिए शुभ होती है।"
📍"अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए आपको अपने कमरे की उत्तरी दीवार पर हरा रंग करना चाहिए।"
📍 "गुलाबी रंग:- यह रंग हमें सुकून देता है तथा परिवारजनों में आत्मीयता बढ़ाता है। बेडरूम के लिए यह रंग बहुत ही अच्छा है।"
📍"मंगल मूर्ति भगवान को मोदक एवं उनका वाहन मूषक अतिप्रिय है। अत: घर में चित्र लगाते समय ध्यान रखें कि चित्र में मोदक या लड्डू और चूहा अवश्य होना चाहिए। इससे घर में बरकत होती है। इस तरह आप भी बिना तोड़-फोड़ के गणपति पूजन के द्वारा से घर के वास्तुदोष को दूर कर सकते हैं"
📍"आसमानी रंग जल तत्व को इंगित करता है। घर की उत्तरी दीवार को इस रंग से रंगवाना चाहिए"
📍 "बहुमंजिला ईमारत में घर के मुखिया का शयनकक्ष सबसे उपरी इमारत पर बना होना शुभफलदायी होता हैं .
📍"जिस कमरे में सूर्य की रोशनी कम आती हो, वहाँ दीवारों पर हमें पीले रंग का प्रयोग करना चाहिए। पीला रंग सुकून व रोशनी देने वाला रंग होता है। घर के ड्राइंग रूम, ऑफिस आदि की दीवारों पर यदि आप पीला रंग करवाते हैं तो वास्तु के अनुसार यह शुभ होता है।"
📍"वास्तु शास्त्र के अनुसार किसी भी भवन में गृहस्वामी का शयनकक्ष तथा तमाम कारखानों, कार्यालयों या अन्य भवनों में दक्षिणी-पश्चिम भाग में जो भी कक्ष हो, वहां की दीवारों व फर्नीचर आदि का रंग हल्का गुलाबी अथवा नींबू जैसा पीला हो, तो श्रेयस्कर रहता है।"
📍घर के मुखिया का शयन कक्ष दक्षिण पश्चिम की और होना अति उत्तम माना जात हैं ,अगर संभव नहीं हो तो उत्तर पश्चिम दिशा की और हो सकता हैं कालपुरुष सिद्धांत के अनुसार घर की दक्षिण -पश्चिमी दिशा भू -तत्व को संबोधित करती हैं ,जो की स्वयं में सर्वाधिक भार लिए हुए होती हैं l अतः घर के मुखिया का शयन कक्ष आकार में सबसे बड़ा होना चाहिए l
📍"भवन के जिस भाग में वास्तु दोष हो उस स्थान पर घी मिश्रित सिन्दूर से स्वस्तिक दीवार पर बनाने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है।"{
📍अगर दक्षिण मे शयन कक्ष नही करा सकते हो तो दक्षिण पश्चिममे चलेगा
📍"पूजा घर में सदैव जल का एक कलश भरकर रखें जो जितना संभव हो ईशान कोण के हिस्से में हो |"
📍NEGETIVE ENERGY "नकारात्म्क ऊर्जा को दूर भगाने के लिये एक कांच के गिलास में पानी लें और उसमें एक साबुत नींबू डाल दे l इस पानी को हर शनिवार नियमपूर्वक बदलें l यह गिलास घर में सुविधानुसार कहीं भी रख सकते हैं l"
📍"सप्ताह में एक बार जरुर समुद्री नमक अथवा सेंधा नमक से घर में पोछा लगाएं | इससे नकारात्मक ऊर्जा हटती है |"
📍 "उत्तर पूर्वी कक्ष, जिसे घर का सबसे पवित्र कक्ष माना जाता है, में सफेद या बैंगनी रंग का प्रयोग करना चाहिए। इसमें अन्य गाढे़ रंगों का प्रयोग कतई नहीं करना चाहिए।"
📍"पूजा सुबह 6 से 8 बजे के बीच भूमि पर आसन बिछा कर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठ कर करनी चाहिए । पूजा का आसन जुट अथवा कुश का हो तो उत्तम होता है |"
📍क्या आपको पता हैं की घर के बाहर नेमप्लेट{ NAMEPLATE } लगाने के पीछे एक विज्ञान छिपा है ?
"इससे घर के अंदर प्रवेश करने वाली POSSITIVE ENERGY AND VIBES सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव घर के मालिक के जीवन पर पड़ता है. उसे अच्छे अवसर प्राप्त होते हैं. नेमप्लेट, जितनी साफ और चमकदार होगी, नकारात्मक ऊर्जा {NEGITIVE ENERGY} उतनी दूर रहेगी. जिस घर की नेमप्लेट गंदी रहती है, वहां नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है l अतः सतर्क रहिये l"
📍"कई लोग रसोईघर में रखे फ्रिज में दवाएं रख देते हैं. ऐसा बिलकुल भी नहीं करना चाहिये l इससे बीमारियां घर में आती हैं.l रसोई स्वास्थ्य और खुशी का प्रतीक है, जबकि दवाएं बीमारी और गम का प्रतीक हैं l कोशिश कीजिये की आपकी दैनिक दवाइयां कमरे के उत्तर पूर्व कोने में रख सकें एवं घर के बहार के लोगो की नज़र उन दवाइयों पार्ट नहीं पड़ें l"
📍" घर में कभी भी जाले न लगने दें, वरना भाग्य और कर्म पर जाले लगने लगते हैं और बाधा आती है |"
📍. "वास्तु में मिट्टी का बहुत महत्व है। जो मिट्टी श्वेत, उपजाऊ तथा भीनी-भीनी महक वाली होती है, आवास तथा व्यावसायिक कार्यों के लिए शुभ होती है।"
📍"अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए आपको अपने कमरे की उत्तरी दीवार पर हरा रंग करना चाहिए।"
📍 "गुलाबी रंग:- यह रंग हमें सुकून देता है तथा परिवारजनों में आत्मीयता बढ़ाता है। बेडरूम के लिए यह रंग बहुत ही अच्छा है।"
📍"मंगल मूर्ति भगवान को मोदक एवं उनका वाहन मूषक अतिप्रिय है। अत: घर में चित्र लगाते समय ध्यान रखें कि चित्र में मोदक या लड्डू और चूहा अवश्य होना चाहिए। इससे घर में बरकत होती है। इस तरह आप भी बिना तोड़-फोड़ के गणपति पूजन के द्वारा से घर के वास्तुदोष को दूर कर सकते हैं"
📍"आसमानी रंग जल तत्व को इंगित करता है। घर की उत्तरी दीवार को इस रंग से रंगवाना चाहिए"
📍 "बहुमंजिला ईमारत में घर के मुखिया का शयनकक्ष सबसे उपरी इमारत पर बना होना शुभफलदायी होता हैं .
📍"जिस कमरे में सूर्य की रोशनी कम आती हो, वहाँ दीवारों पर हमें पीले रंग का प्रयोग करना चाहिए। पीला रंग सुकून व रोशनी देने वाला रंग होता है। घर के ड्राइंग रूम, ऑफिस आदि की दीवारों पर यदि आप पीला रंग करवाते हैं तो वास्तु के अनुसार यह शुभ होता है।"
📍"वास्तु शास्त्र के अनुसार किसी भी भवन में गृहस्वामी का शयनकक्ष तथा तमाम कारखानों, कार्यालयों या अन्य भवनों में दक्षिणी-पश्चिम भाग में जो भी कक्ष हो, वहां की दीवारों व फर्नीचर आदि का रंग हल्का गुलाबी अथवा नींबू जैसा पीला हो, तो श्रेयस्कर रहता है।"
📍घर के मुखिया का शयन कक्ष दक्षिण पश्चिम की और होना अति उत्तम माना जात हैं ,अगर संभव नहीं हो तो उत्तर पश्चिम दिशा की और हो सकता हैं कालपुरुष सिद्धांत के अनुसार घर की दक्षिण -पश्चिमी दिशा भू -तत्व को संबोधित करती हैं ,जो की स्वयं में सर्वाधिक भार लिए हुए होती हैं l अतः घर के मुखिया का शयन कक्ष आकार में सबसे बड़ा होना चाहिए l
📍"भवन के जिस भाग में वास्तु दोष हो उस स्थान पर घी मिश्रित सिन्दूर से स्वस्तिक दीवार पर बनाने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है।"{
📍अगर दक्षिण मे शयन कक्ष नही करा सकते हो तो दक्षिण पश्चिममे चलेगा
Pandit Tarun Dubey
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