मंगलवार, 23 अगस्त 2022

** छोटे बच्चों का स्वरूप कैसा होता हैं **

             ** छोटे बच्चे स्वयं ईश्वर का एक प्रारूप होते हैं **



छोटे बच्चे स्वयं ईश्वर का एक प्रारूप होते हैं, उनके सामीप्य में रहने से ईश्वर का आशिर्वाद प्राप्त होता है।

बड़े बुजुर्गों की सेवा करने से उनका आशिर्वाद प्राप्त होता है, वह भी परमात्मा के आशीर्वाद की तरह मूल्यवान होता है।

अतः जब भी हमें समय मिले तो हमें अधिक से अधिक समय छोटे बच्चों तथा बुजुर्गों के साथ व्यतीत करना चाहिए ताकि अधिक से अधिक ईश्वर और बड़े बुजुर्गों का आशिर्वाद प्राप्त कर सकें।

जीवन में ईश्वर और बड़े बुजुर्गों के आर्शीवाद से अधिक मूल्यवान और कुछ नहीं होता है।



                                                                                   Pandit Tarun Dubey
\


                                             

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें